प्यासे ईसा

ईसा सच्चे पश्चताप के प्यासे

प्रकाशित 05/05/2023


हम बहुत सारे अपराध करते हैं, लेकिन हमें अपने अपराधों का बोध नहीं होता है। उदाहरण के लिए -
(१) जब तक अकाल नहीं पड़ा, उड़ाऊ पुत्र पाप करता रहा।
(२) जब तक मुर्गे ने बांग नहीं दिया, पेत्रुस ईसा को अस्वीकार करता रहा।
(३) जब तक लोगों ने पापिन स्त्री को पत्थर से कुचलने के लिए नहीं दौड़ाया, वो पाप करती रही।
(४) जब तक ईसा ने पेत्रुस को तलवार म्यान में वापस राखने नहीं बोले, पेत्रुस तलवार भांजता रहा।
(५) जब तक एम्माउस जाने वाले शिष्यों ने ईसा का वचन सुनकर तीसरे राहगीर के रूप में उनके साथ साथ चल रहे ईसा को सहानुभूति नहीं दिखाया, उन्होंने ईसा को नहीं पहचाना।


इन सब घटनाओं मे समानता यह है कि प्रत्येक में ईश्वर का हस्तक्षेप है; प्रत्येक में ईश्वर का वचन मनुष्यों के ह्रदय परिवर्तन में काम करता है ताकि हम अपने अपराधों के प्रति सजग हो कर अपराध करना बंद कर दें और ईश्वर और अपने पड़ोसियों के प्रति सच्चे प्रेम से सराबोर हो जाएं जैसे कि एम्माउस जाने वाले शिष्यों ने कहा


तब शिष्यों में से एक ने कहा, "हमारे ह्रदय कितने उद्दीप्त हो रहे थे, जब वे हम से बातें कर रहे थे और हमारे लिए धर्म ग्रंथ की व्यवस्था कर रहे थे!" संत लूकस 24 : 32


ईश्वर का पवित्र वचन और ईश्वर से प्रेरित हो कर की गई पवित्र वचन की व्याख्या का हमारे जीवन में इतना ज्यादा महत्त्व है कि वह हम मनुष्यों के हृदय में अपने अपराधों के प्रति जागरूकता उत्पन्न कर हमें अपने अपराधों से बाहर निकलने की खलबली मचाता है - जो हमारे ह्रदय के अपराधों (शैतान) को बाहर करने और ह्रदय में प्रेम को (ईश्वर की मंजूषा) की स्थापना में मददगार है, बर्शते हम फिराऊं की तरह अपना ह्रदय कठोर ना बनाएं। हमें हमारे अपराधों से निकालने के लिए ईश्वर और उनका पवित्र वचन निरंतरता के साथ कार्यरत हैं जैसा कि
- उड़ाऊ पुत्र के लिए अकाल
- पेत्रुस के लिए ईश्वर का कथन (मुर्गे का बांग)
- पापिन स्त्री के लिए ईसा के समक्ष पत्थरों वाली भीड़
- एम्माउस जा रहे शिष्यों के लिए ईश्वर का वचन की व्याख्या और तीसरा राहगीर


ईश्वर हमें अपराध मुक्त करने के लिए निरंतर कार्यरत हैं; इसलिए अपना ह्रदय कठोर ना बनाएं, बल्कि उस स्त्री के समान ईसा से और एम्माउस जाने वाले शिष्यों की तरह अपने पड़ोसियों से प्यार करें क्योंकि ईश्वर से और अपने पड़ोसियों से प्रेम हमें हमारे अपराध मुक्ति का हक दिलाता है जैसा कि ईसा मसीह कहते हैं -


इसलिए मैं तुमसे कहता हूं, "इसके बहुत से पाप क्षमा हो गए हैं, क्योंकि इसने बहुत प्यार दिखाया है। पर जिसे कम क्षमा किया गया, वह कम प्यार दिखाता है। संत लूकस 7 : 47


क्योंकि


मैं प्यासा हूं। संत योहन 19 : 28 वचनांश


ईसा मसीह हमारे सच्चे पश्चताप के प्यासे हैं।


आमीन।


ईश्वर की महिमा में जारी.....


ईश्वर की महिमा हो, ईश्वर को धन्यवाद।


"न-अधर्म" ही धर्म है।"


झारखण्ड! तुम्हें शांति मिले!!

भारत! तुम्हें शांति मिले!!

संपूर्ण विश्व को शांति!!