प्यासे ईसा

ईसा संपूर्ण प्रेम के प्यासे

प्रकाशित 18/04/2020


अपराधों की क्षमा मानव द्वारा ईश्वर के प्रति प्रेम पर निर्भर करता है: कि हम ईश्वर से कितना प्यार करते हैं। यदि हम ईश्वर से ज्यादा प्यार करते हैं, तो हम ईसा मसीह के कांधे पर से अपने पापों (क्रूस) के बोझ को ज्यादा से ज्यादा कम करने का प्रयास करेंगे; और ऐसा प्रयास निरंतरता से जारी रखेंगे। यदि हम साल भर में कभी कभी पापस्वीकार करते है, या नहीं करते हैं, तो हम कैसे कह सकते हैं कि हम अपने ईश्वर से बहुत प्यार करते हैं? अपने अपराधों के प्रति सजगता, ईश्वर के प्रति विश्वास एवं प्रेम का पैमाना है; मापदंड है।


उस भले डाकू ने भर-कलवरी अपने अपराधों के प्रति पूर्ण सजगता का ध्यान रखा; इसलिए वह पूरी तरह से क्रूसित ईसा मसीह के प्रति अपने प्रेम का इजहार कर पाया -


हमारा दंड न्यायसंगत है, क्योंकि हम अपनी करनी का फल भोग रहे हैं; पर इन्होंने कोई अपराध नहीं किया है। तब उसने ईसा से कहा, "ईसा जब आप अपने राज्य में आयेंगे, तो मुझे याद कीजिएगा। संत लूकस 23 : 41-42


भला डाकू भर-कलवरी ईसा के दुःख से नहीं, बल्कि अपने अपराधों से ईसा को दुखित करने के लिए क्षोभित था। वह ईसा के साथ कलवरी नापने के कारण अपने सभी अपराधों की क्षमा हेतु पूरी तरह से सजग हुआ और ईसा मसीह की ईश्वरीयता और उनके अनन्य प्रेम के ज्ञान से परिपूर्ण हुआ। ऐसा आज भी इस जीवन की कलवरी नापने से, दूसरे शब्दों में अपना क्रूस (पापों) का बोझ ईसा मसीह के कांधे पर से चुन-चुन कर हटाने से संभव है; जो ईसा मसीह के प्रति हमारे प्रेम का मापदंड होगा; जैसा कि उस भले डाकू ने किया। ईसा मसीह के प्रति उसके संपूर्ण प्रेम ने, उसे ईश्वर के साथ अनंतकालीन स्वार्गिक सहवास का अधिकारी बनाया।


उन्होंने उससे कहा, "मैं तुमसे कहता हूं, तुम आज ही परलोक में मेरे साथ होगे" संत लूकस 23 : 43


ईश्वर से
--->अधूरा प्यार करने वालों को अधूरा क्षमा है,
--->पूर्ण प्यार करने वालों को पूर्ण क्षमा है और
--->ईसा मसीह से न-प्यार करने वालों को उस बुरे डाकू की तरह बिल्कुल क्षमा नहीं है।


ईस संदर्भ में ईसा मसीह का पवित्र वचन है‌ -


इसलिए मैं तुमसे कहता हूं, "इसके बहुत से पाप क्षमा हो गए हैं, क्योंकि इसने बहुत प्यार दिखाया है। पर जिसे कम क्षमा किया गया, वह कम प्यार दिखाता है। संत लूकस 7 : 47


क्योंकि


मैं प्यासा हूं। संत योहन 19 : 28 वचनांश


ईसा मसीह हमारे संपूर्ण प्रेम के बेहद प्यासे हैं।


आमीन।


ईश्वर की महिमा में जारी.....


ईश्वर की महिमा हो, ईश्वर को धन्यवाद।


"न-अधर्म" ही धर्म है।"


झारखण्ड! तुम्हें शांति मिले!!

भारत! तुम्हें शांति मिले!!

संपूर्ण विश्व को शांति!!