प्रकाशित 09/04/2023
ईसा मसीह 3 दिन बाद नहीं, बल्कि तीसरे दिन जी उठे। उन्हें 3 X 24 = 72 घंटे नहीं, बल्कि 36 से 40 घंटे में कब्र से बाहर हो गये- पुण्य शुक्रवार (Good Friday) को लगभग 3 बजे उनकी मृत्यु से लेकर इतवार तड़के लगभग 3 - 4 बजे सुबह मरियम मगदलेना ने उनकी कब्र को खुला पाया।
लोग ईसा मसीह को अर्थात प्रेम दया क्षमा शांति करुणा सहनशीलता धैर्य को परमानेंट दफना देना चाहते थे, ताकि वे छूट कर मनमाना करें; लेकिन वे मात्र 36 से 40 घंटे के बीच कब्र से बाहर चले आए। हमारे प्रभु जी उठे हैं।
मरियम मगदलेना ने जाकर शिष्यों से कहा की मैंने प्रभु को देखा है और उन्होंने मुझे यह संदेश दिया। संत योहन 20 : 18
उन्होंने अपने शरीर की मृत्यु से ठीक पहले अपनी आत्मा को पिता परमेश्वर के हाथों सौंप दिया। उनकी परमानेंट मृत्यु नहीं हो सकती है क्योंकि प्रेम अमर है; और ईश्वर प्रेम है। तो भला प्रेम की मृत्यु कैसे हो सकती है? हां! घृणा करने के लिए उनको (प्रेम को) 30 - 40 घंटे अलग किया जा सकता है जैसा कि उन्होंने 2023 बर्ष पहले किया था !!! और आज भी हम ऐसी क्रूरता जब-तब करते हैं !!!
खेद है कि आज भी प्रेम को मारने की कोशिश जारी है; उनको अपने जीवन से अलग करने की कोशिश जारी है। प्रेम (ईश्वर) अमर है; वे जी उठे हैं और यह साबित कर दिया है कि उनको (प्रेम को) परमानेंट मृत्यु नहीं दी जा सकती है। इसलिए अपनी संसारिक वासनाओं (अपराधों) के कारण पति-पत्नी, भाई-भाई, भाई-बहन, बहन-बहन, अड़ोस-पड़ोस, रिश्तेदार-नातेदारों के बीच के प्रेम को मारने का प्रयास बिल्कुल निर्थक है।
आज भी प्रभु (प्रेम) जिंदा हैं और हमारे बीच माता-पिता, भाई-बहन अड़ोस पड़ोस, रिश्तेदार-नातेदारों के रुप में उपस्थित हैं। आइए! हर रिश्ते में प्रेम का दर्शन करें।
आमीन।
ईश्वर की महिमा में जारी.....
ईश्वर की महिमा हो, ईश्वर को धन्यवाद।
आमीन।
"न-अधर्म" ही धर्म है।"
झारखण्ड! तुम्हें शांति मिले!!
भारत! तुम्हें शांति मिले!!
संपूर्ण विश्व को शांति!!