THE CROSS

ईसा मसीह के समीप होते हुए भी उनसे बहुत दूर

प्रकाशित 23/04/2023


यूदस येसु के बिल्कुल निकट था, जब उसमें शैतान (लालच) प्रवेश किया हुआ था। उसने चांदी के तीस सिक्कों में ईसा मसीह (प्रेम) को तौल दिया। देखिए! कैसे उसके दिल में शैतान है; और वह ईसा मसीह का चुम्बन कर रहा है। बुरा डाकू भी ईसा मसीह (प्रेम) के बिल्कुल समीप था, जब उसमें शैतान (कड़वाहट) प्रवेश किया हुआ था। उसने अपनी कड़वाहट से ईसा मसीह (प्रेम) को तौल दिया। क्या इन दोनों को, ईसा के नजदीकी का कोई फायदा मिला? नहीं! बिल्कुल नहीं! एक ने ईसा के बिल्कुल निकट आ कर, प्यासे ईसा मसीह को पनसोखता चटाया। जिसे चख कर ईसा मसीह ने मुंह फेर लिया क्योंकि वह पनसोखता उसके ह्रदय की कड़वाहट बयां कर रही थी। प्रेम के प्यासे, ईसा मसीह को उसने अपने ह्रदय की कड़वाहट से तौल दिया। एक ने ईसा के बिल्कुल निकट आ कर उसके ह्रदय को भाले से छेद कर ईसा मसीह (प्रेम) को जल्द से जल्द नष्ट करने का प्रयास किया।


इन सब के बावजूद ईसा मसीह (प्रेम) जिंदा हैं और हमारे प्रेम का प्यासा है!


मैं प्यासा हूं। संत योहन 19 : 28 वचनांश


ऐसा न हो कि उन लोगों के समान हम ईसा के नजदीक रह कर भी अपने ह्रदय की कड़वाहट के कारण ईसा मसीह (प्रेम) से दूर हो जाएं। यही कारण है कि ईसा मसीह ने अपनी म्यान से तलवार निकाल कर भांज रहे पेत्रुस से कहा -


ईसा ने पेत्रुस से कहा, "तलवार म्यान में रख लो। संत योहन 18 : 11 वचनांश*


और पेत्रुस ने अपनी तलवार (क्रोध, लड़ाई-झगड़ा) वापस म्यान में रख लिया। ईसा मसीह हम सब से भी कह रहे हैं अपनी


तलवार म्यान में रख लो। संत योहन 18 : 11 वचनांश


आइए! हम अपने अंदर की कमजोरियों, ईष्य-दवेष, लालच क्रोध वासना व्यभिचार अत्याचार घमंड पाखंड दिखावा चुगलखोरी मनमुटाव कामचोरी गर्भपात हत्या मतवालापन, रूपी तमाम तलवारों को अपनी म्यान में वापस रख ले, ताकि हम ईसा मसीह (प्रेम) के करीब होने का लाभ उठा सकें। इस प्रकार से हम सचमुच में पुनर्जीवित ईसा मसीह (प्रेम) का अपने ह्रदय में दर्शन कर पायेंगे। यदि हम अपनी तलवार वापस म्यान में नहीं रखेंगे, तो उन लोगों (यूदस बुरा डाकू... इत्यादि इत्यादि) के समान ईसा मसीह (प्रेम) को अपने ह्रदय की बुराईयों से तौल कर क्रूसित करने का निर्थक प्रयास करेंगे। इसलिए अपनी


तलवार म्यान में रख लो। संत योहन 18 : 11 वचनांश


आमीन।


ईश्वर की महिमा में जारी.....


ईश्वर की महिमा हो, ईश्वर को धन्यवाद।


आमीन।


"न अधर्म" ही धर्म है।"


झारखण्ड! तुम्हें शांति मिले!!

भारत! तुम्हें शांति मिले!!

संपूर्ण विश्व को शांति!!