प्रकाशित 13/03/2023
वह बुरा डाकू ईसा मसीह के साथ कलवारी की राह (क्रूस रास्ता) तय करते हुए यह विचार कर रहा था कि उन डाकू की तरह मैं भी तो इन पर हमला करता रहा हूं; इस प्रकार से वह हमला करना छोड़ एक पश्चातापी-पापी में परिणत हो गया। पश्चातापी-पापी एक ऐसा व्यक्ति है, जो अपने पाप करने की प्रवृत्ति पर पूर्ण विराम लगाकर अपने कुकर्म के लिए विलाप करता है। जैसे-जसे वह बुरा डाकू, ईसा मसीह के साथ कलवारी की राह (क्रूस का रास्ता) तय करते हुए आगे बढ़ा, वह ईसा मसीह के कांधे पर से अपने पापों के भारी बोझ को अपने ऊपर ले कर ईसा मसीह के वचन का कदर किया -
जो मेरा अनुसरण करना चाहता है, वह आत्मत्याग करें और अपना क्रूस उठाकर मेरे पीछे हो ले; संत मत्ती 16 : 24
उस बुरे डाकू ने ईसा मसीह के साथ क्रूस का रास्ता तय कर भले डाकू (पश्चातापी-पापी) का दर्जा प्राप्त किया और उड़ाऊ पुत्र की तरह घर वापसी की अपनी तमन्ना को ईसा मसीह के सामने प्रकट किया -
"हमार दंड न्याय संगत है, क्योंकि हम अपनी करनी का फल भोग रहे हैं; पर इन्होंने कोई अपराध नहीं किया है"। तब उसने कहा, "ईसा! जब आप अपने राज में आएंगे, तो मुझे याद कीजिएगा"। संत लूकस 23 : 42
यह उस बुरे डाकू का क्रूस रास्ता के अंत में पाप स्वीकार संस्कार ग्रहण करने को दर्शाता है कि कैसे उसने ईसा मसीह के सामने अपने आप को हृदय की गहराई से पापी घोषित किया और भले डाकू में बदल गया, जो स्वर्ग राज्य के योग्य है; संतों का दर्जा प्राप्त करने के योग्य है।
हमें भी उस बुरे डाकू के समान इस दुनिया रूपी कलवारी की राह में अन्य डाकुओं की तरह ईसा मसीह पर अपने पापों का बोझ लादने के बजाय, क्रूस रास्ता करते हुए ईसा मसीह के कांधे पर से अपना क्रूस (पाप के बोझ) उठाकर एक पश्चतापी-पापी बन कर सच्चे हृदय से पापस्वीकार संस्कार ग्रहण करने की तैयारी करनी चाहिए..........
क्योंकि क्रूस रास्ता के अंत में पापस्वीकार संस्कार है, इसलिए सच्चा पापस्वीकार करने के लिए क्रूस रास्ता कर पश्चतापी-पापी बनना जरूरी है।
आमीन।
ईश्वर की महिमा में जारी.....
ईश्वर की महिमा हो, ईश्वर को धन्यवाद।
आमीन।
"न अधर्म" ही धर्म है।"
झारखण्ड! तुम्हें शांति मिले!!
भारत! तुम्हें शांति मिले!!
संपूर्ण विश्व को शांति!!