प्रकाशित 15/03/2023
हम जानते हैं कि ईसा मसीह के साथ कलवारी की राह (क्रूस रास्ता) पर डाकूओं के हमले को देखकर येरूसलम की स्त्रियां रोने कलपने लगीं।
लोगों की भारी भीड़ उनके पीछे-पीछे चल रही थी। उन में नारियां भी थीं, जो अपनी छाती पीटते हुए उनके लिए विलाप कर रही थीं। ईसा ने उनकी ओर मुड़ कर कहा, "येरूसलम की बेटियों ! मेरे लिए मत रोओ। अपने लिए और अपने बच्चों के लिए रोओ, क्योंकि वह दिन आ रहे हैं, जब लोग कहेंगे- धन्य है वे गर्भ जिन्होंने प्रसव नहीं किया और धन्य है वे स्तन, जिन्होंने दूध नहीं पिलाया! संत लूकस 23 : 27-29
ईसा के साथ चलने वाली डाकुओं की भीड़ में तीन प्रकार के डाकू थे-
पहला , वे जो अत्याचार की सीमा लांघ रहे थे।
दूसरा , वह एकमात्र डाकू जो ईसा के हालत रुपी आईने में अपने खूंखार रूप से रूबरू हो कर अपनी करनी के लिए रो रहा था। और
तीसरा , वे जो ईसा के हालत रुपी आइने में अपने खूंखार हालत से रूबरू होना छोड़, दूसरों को ईसा के हालत का दोषी मानते हुए, अपनी छाती पीट पीट कर रो-धो रहे थे।
इस संसार रुपी कलवारी में मैं किस कैटेगरी में आता हूं? क्या मैं उन रोने-धोने वाली नारियों के समान ईसा के हालत के लिए दूसरों को दोषी मानकर विलाप करता हूं; या फिर उस पश्चतापी-डाकू की तरह ईसा मसीह की हालत रूपी आईने में अपना खूंखार रूप को देखकर अपने और अपने संबंधियों लिए रोता हूं?
हमने ईसा मसीह का हालत बहुत बुरा कर दिया है, इसलिए उनके हालात पर नहीं, बल्कि अपने खूंखार हालात पर रोने की जरूरत है। यदि हम ऐसा नहीं करेंगे तो ईसा मसीह का हालत और जायदा खराब हो जाएगा। इसलिए इस संबंध में ईसा मसीह कहते हैं -
क्योंकि वे दिन आ रहे हैं, जब लोग कहेंगे- धन्य है वे गर्भ जिन्होंने प्रसव नहीं किया और धन्य है वह स्तन, जिन्होंने दूध नहीं पिलाया! संत लूकस 23 : 29
अर्थात, न लोग पैदा होते और न ही लोग पैदा करते। इसलिए
ईसा ने उनकी ओर मुड़ कर कहा, "येरूसलम की बेटियों ! मेरे लिए मत रोओ। अपने लिए और अपने बच्चों के लिए रोओ। संत लूकस 23 : 28
हमारे लिए सबसे अच्छा यह है कि हम ईसा मसीह की हालत पर रोने के बजाय, उस भले डाकू की तरह ईसा मसीह की हालत रुपी आईने में अपने पापी हालात को देखकर, ईसा मसीह के कांधे पर से अपने पापों के बोझ को उठाकर, ईसा के पीछे-पीछे चलें -
जो मेरा अनुसरण करना चाहता है, वह आत्मत्याग करें और अपना क्रूस उठाकर मेरे पीछे हो ले; संत मत्ती 16 : 24
आमीन।
ईश्वर की महिमा में जारी.....
ईश्वर की महिमा हो, ईश्वर को धन्यवाद।
आमीन।
"न अधर्म" ही धर्म है।"
झारखण्ड! तुम्हें शांति मिले!!
भारत! तुम्हें शांति मिले!!
संपूर्ण विश्व को शांति!!