प्रकाशित 30/06/2020
यूसुफ अपनी मंगेतर से ईश्वर की पवित्र योजना के अनुसार विवाह के पवित्र बंधन में बंध कर उसे अपने घर ले आया और मरियम के साथ मिलकर उसने एक पवित्र एवं आदर्श परिवार का निर्माण किया। इस तरह से एक परिवार अर्थात् एक ईकाई कलीसिया (धार्मिक संगठन) का निर्माण हुआ; जहाँ ईसा मसीह का ईश्वर की इच्छा के अनुसार लालन-पालन हुआ। यूसुफ बढ़ई का काम किया करते और मरियम उस परिवारिक आमदनी से घर की दैनिक जरूरतों को पूरी करने के लिए चुल्हा-चैकी संभालती; जैसा कि धर्म ग्रंथ में लिखा है:
वे अपने नगर आये, जहाँ वे लोगों को उनके सभागृह में शिक्षा देते थे। वे अचंभे में पड़कर कहते थे, “इसे यह ज्ञान और यह सामर्थ्य कहाँ मिला? क्या यह बढ़ई का बेटा नहीं है? क्या मरियम इसकी माँ नहीं है? क्या याकूब, यूसुफ, सिमोन और यूदस इसके भाई नहीं? मती 13: 54-55
क्या यह वही बढ़ई नहीं है- मरियम का बेटा, याकूब, यूसुफ, यूदस और सिमोन का भाई? क्या इसकी बहनें हमारे बीच नहीं रहतीं? और वे ईसा में विश्वास नहीं कर सके। मारकुस 6: 3
माता-पिता का आदर करने की शिक्षा देने वाले, ईसा मसीह, एक बेटे के तर्ज पर अपने पालक पिता और माता कुँवारी मरियम के कामों में हाथ बटाया करते और परिवार की पवित्रता के दायरे में उनका भरण-पोषण हुआ; जैसा कि धर्म ग्रंथ में लिखा है:
ईसा उनके साथ नाजरेथ गये और उनके अधीन रहे। उनकी माता मरियम ने दन सब बातों को अपने ह्रदय में संचित रखा। ईसा की बुद्धि और शरीर का विकास होता गया। वह ईश्वर तथा मनुष्यों के अनुग्रह में बढ़ते गये। लूकस 3: 51-52
उपरोक्त चर्चा इस बात का जीवंत प्रमाण है कि कैसे पवित्र विवाह की बुलाहट के संदेश को ईश्वर से प्राप्त करने और जानने-पहचानने लिए सयंम जरूरी है। कैसे विवाह का पवित्र बंधन, एक परिवार (धार्मिक संगठन) का गठन करता है- जहाँ पति-पत्नी एक दूसरे से अपने समान प्यार करते हैं और उनके बच्चे अपने माता-पिता के बिल्कुल अधीन जीवन जीते हुए अपने शारीरिक विकास के साथ-साथ ज्ञान, बुद्धि और प्रज्ञा में भी बढ़ते जाते हैं।
आज लोग विवाह के पवित्र बंधन से परे, विवाह के आधुनिकीकरण में जुट गये हैं। ऐसा करना प्रभु के पवित्र कार्य में सरासर हस्तक्षेप करना है क्योंकि प्रभु ही पवित्र विवाह के बंधन का योजनाकर और आयोजक है। मेरी जानकारी में है कि ईंट पत्थर की कलीसिया में shadi.com के तर्ज पर शादी की वेबसाइट (Matrimonial Website) के निर्माण का प्रयास हुआ है, और यदि अब भी हो रहा है, तो यह बिल्कुल ही धर्म ग्रंथ के विपरित है। क्या हम लोगों को ऐसी अनावश्यक कोशिशों से होने वाली धार्मिकता के नुकसानों का अंदाजा है? आइये, इंटरनेट में (Matrimonial website, social media, chat) के माध्यम से बेटे-बेटियों के लिए जोड़ी जुमाने के प्रयासों से होने वाली संभावित नुकसानों का अवलोकन करें:
(क) इंटरनेट में (Matrimonial Website & Social Media) में बहुत सारे बेटे-बेटियों का फोटो और उनका बायोडाटा देखकर आप माता-पिता खुद कन्फ्यूज हो जाएगें और आपको ईश्वर से विवाह के लिए प्राप्त होने वाले मार्गदर्शन/संदेश दब कर रह जाएगें।
(ख) बेटे-बेटियाँ अनावश्यक तौर पर (Matrimonial Website & Social Media) पर अपना फोटो/बायोडाटा अपलोड कर दूसरों के लिए व्याभिचार का कारण बनेंगे और दूसरों का फोटो/बायोडाटा स्क्रोल कर स्वयं व्याभिचार करेंगें और अपना समय बरबाद करेंगे।
(ग) इंटरनेट में (Matrimonial Website & Social Media) पर बेटे-बेटियाँ किसी और की पसली के लिए बने, बेटे-बेटियों को सुन्दरता, पैसे-कौड़ी, डेजिगनेश्न-पोस्ट इत्यादि के तर्ज पर पसंद कर बेमेल जोड़ा बनाएँगे और उसके लिए माता-पिता को दबाव देंगे।
(घ) इंटरनेट में (Matrimonial Website & Social Media) पर बेटे-बेटियाँ झूठे एवं धूर्त (Fake) लोगों के चक्कर में फँस कर अपना समय और ईसा मसीह की जीवनशैली के अनुसार जीवन जीने के बजाय अपना जीवन बरबाद करेंगे।
(ड.) अतंरजातीय, विजातीय, बेमेल विवाह प्रभु के नराजगी का कारण है। जिसका बखूबी से पुराने व्यवस्थान में जिक्र है। ऐसे बेमेल विवाह को इंटरनेट में (Matrimonial Website & Social Media) पर फलने-फुलने का मौका मिल जायेगा, जो पारिवारिक अशांति बढ़ायेगा।
(च) ईंट पत्थर की कलीसिया के याजक वर्ग भी इंसान ही हैं, जो त्याग-तपस्य का दावा करते हैं। यदि वे इंटरनेट पर (Matrimonial Website & Social Media) को बढ़ावा देंगे, तो वे स्वयं इसके कुप्रभाव से अपने आप को नहीं बचा पायेंगे।
(छ) इंटरनेट में (Matrimonial Website & Social Media) के होने से वासना और व्यभिचार के पाप, सिर्फ अविवाहितो में ही नहीं, बल्कि विवाहितों में भी बढ़ेगी क्योंकि आजकल तो हाथ-हाथ में मोबाईल है और इंटरनेट हाथ में ही चलते फिरते उपलब्ध है।
(ज) नासा का बेबसाइट जिसे बहुत सुरक्षित समझा जाता है, कई बार हैकिंग का शिकार हो चुका है। ऐसी स्थिति में इंटरनेट में (Matrimonial Website & Social Media) में कोई भी हैकर अश्लील चित्र पोस्ट कर सकता है, जो ईसा मसीह की जीवनशैली जीने के लिए घातक होगा।
(झ) प्रभु, स्त्री और पुरूष दोनो को उनके अनजाने में गढ़ कर उनका पवित्र विवाह संपन्न कर अपनी पवित्र योजना पूरी करता है। इंटरनेट में (Matrimonial Website & Social Media) , प्रभु के पवित्र विवाह की योजना में पूर्णतः दखल देने जैसा होगा।
आइए, इस संबंध में एक सच्चाई आपके सामने प्रस्तुत करता हूं। बर्ष 2016 में मुझे महाराष्ट्र से एक लड़की का फोन आया। वह वहाँ एक बैंक में पी0ओ0 है। उसने मुझे अपना पीड़ा बतलाते हुए कहा, “हम इंटरनेट में (Matrimonial Website & Social Media) के माध्यम से एक लड़के के संपर्क में आये और वह लड़का पिछले छः महीनों से मुझसे फोन में रात-रात भर बातें करता रहा है। अब, जब मैं उसे विवाह करने के लिए कदम आगे बढ़ाने को बोल रही हूँ; उसके बाद से उसका मोबाईल फोन, सेवा में नहीं है जैसे मैसेज मिलता है। अंकल मेरी मदद कीजिए, मेरा दिल में बहुत दर्द है, मैं उसके बिना नहीं जी सकती हूँ।“
मैं उस लड़की को फोन पर ही प्रभु की कृपा से लगातार सांत्वाना और ढाढस देते हुए उसे धीरे-धीरे बुराई की मार्ग से हटा कर, प्रभु के मार्ग का रास्ता दिखाया। जो सुसाईड कर लेती, आज वह प्रभु की असीम कृपा से परिवार बसा कर, ईसा मसीह की जीवनशैली के अनुसार जीवन जीते हुए सुखी और शांतिमय जीवन जी रही है। मैं एक कम्पयूटर प्रोफसनल हूँ और मेरा अमेरिका इंगलैंड और आस्ट्रेलिया जैसे देशों में काफी लंबा कार्यानुभव रहा है। कम्पयूटर से 1987 से ही मेरा संबंध और लगाव होने के बावजूद, मैं इस आधुनिक युग में (Matrimonial Website, Social Media, Chat) के अनावश्यक व्यवहार का कड़ा विरोधी हूँ और आपके मोबाईल फोन में आने वाले तमाम आलतू-फालतू मैसेजों से परहेज करना की धार्मिक सलाह और इन मैसेजों में छुपे जीवनघातक एवं विनाशकारी शक्ति से बचने का चेतावनी देता हूँ। आप उन मैसेजों को तुरंत डिलिट करें, मिटा दें; और माता-पिता अपने बच्चों के मोबाईल के व्यवहार पर पैनी नजर रखें।
प्रभु! जो मार्ग, सत्य और जीवन है, हम सबों को आधुनिकता से बच सकने की कृपा प्रदान करे। तथास्तु।
अगले भाग में पढ़िये
परिवार (धार्मिक संगठन) और आधुनिकता
To be continued ……..
आमीन।
ईश्वर की महिमा में जारी.......
ईश्वर की महिमा हो, ईश्वर को धन्यवाद।
"न अधर्म" ही धर्म है।"
झारखण्ड! तुम्हें शांति मिले!!
भारत! तुम्हें शांति मिले!!
संपूर्ण विश्व को शांति!!